रतलाम जिले के धामनोद नगर में रविवार को भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। हिन्दू संगठन के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने पूरे नगर को धार्मिक रंग में रंग दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री बड़ा राम मंदिर परिसर में रामदरबार, भारत माता एवं भगवान श्री परशुराम जी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इसके पश्चात प्रभु श्रीराम एवं भारत माता की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक सुर में जयघोष करते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ मातृशक्ति की दुर्गावाहिनी बहनों की सक्रिय सहभागिता विशेष आकर्षण रही। समस्त हिन्दू समाजजन की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक भव्यता प्रदान की। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर वक्ताओं ने भगवान परशुराम जी के आदर्शों और उनके पराक्रम पर प्रकाश डालते हुए समाज को उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। धामनोद में आयोजित यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक बनकर सामने आया।
Reporter Jitendra Kumawat
देश : धामनोद में गूंजा परशुराम जन्मोत्सव का जयघोष, हिन्दू संगठन ने भक्ति और उत्साह से मनाया महापर्व....
रतलाम जिले के धामनोद नगर में रविवार को भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। हिन्दू संगठन के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने पूरे नगर को धार्मिक रंग में रंग दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री बड़ा राम मंदिर परिसर में रामदरबार, भारत माता एवं भगवान श्री परशुराम जी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इसके पश्चात प्रभु श्रीराम एवं भारत माता की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक सुर में जयघोष करते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ मातृशक्ति की दुर्गावाहिनी बहनों की सक्रिय सहभागिता विशेष आकर्षण रही। समस्त हिन्दू समाजजन की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक भव्यता प्रदान की। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर वक्ताओं ने भगवान परशुराम जी के आदर्शों और उनके पराक्रम पर प्रकाश डालते हुए समाज को उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। धामनोद में आयोजित यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक बनकर सामने आया।