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विद्युत तार टकराने से निकली चिंगारी से खेत में लगी आग, गेहूं और जौ की फसल को भारी नुकसान... चीताखेड़ा : बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा एक किसान को अपनी मेहनत की फसल गंवाकर भुगतना पड़ा। चार महीने तक कड़ी मेहनत और खून-पसीना बहाकर तैयार की गई गेहूं और जौ की फसल बिजली लाइन के तारों में हुए फाल्ट के कारण लगी आग में जलकर राख हो गई। घटना शुक्रवार शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार समीपस्थ ग्राम भोपतपुरा निवासी किसान शांतिलाल रावत और किसान रामप्रसाद रावत के खेत के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन के तार आपस में टकरा गए। इससे निकली चिंगारी सीधे खेत में खड़ी फसल पर गिर गई और देखते ही देखते आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में खेत में खड़ी बेशकीमती गेहूं की फसल आग की चपेट में आ गई। घटना की सूचना मिलते ही किसान शांतिलाल रावत तुरंत खेत की ओर दौड़े। वहीं पास ही रामप्रसाद रावत के खेत में एक बीघा के गेहूं की फसल भी जल गई। आसपास के ग्रामीणों और किसानों को भी आग लगने की खबर मिली तो वे भी बाल्टी, डिब्बे और अन्य साधन लेकर मौके पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर काबू पाया। यदि समय रहते आग नहीं बुझाई जाती तो आसपास के खेतों में खड़ी फसलें भी इसकी चपेट में आ सकती थीं और बड़ा नुकसान हो सकता था। पीड़ित किसान शांतिलाल रावत ने बताया कि उन्होंने अपने साढ़े तीन बीघा खेत में गेहूं और जौ की फसल बोई थी। विद्युत लाइन के तार टकराने से हुए फाल्ट के कारण निकली चिंगारी से खेत में आग लग गई। इस हादसे में लगभग एक बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल और करीब डेढ़ बीघा जौ की फसल जलकर नष्ट हो गई। आग लगने के दौरान बिजली सप्लाई चालू थी, ऐसे में कई किसानों ने अपने खेतों की विद्युत मोटरें चालू कर पानी की मदद से आग बुझाने में सहयोग किया। किसान ने प्रशासन और बिजली विभाग से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। रिपोर्ट : दशरथ माली |