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एलपीजी गैस की उपलब्धता पर रखी जा रही है पैनी नजर : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : खाद्य मंत्री श्री राजपूत भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के संभावित प्रभावों को देखते हुए प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की समीक्षा के लिए गठित मंत्रीमंडल समिति की बैठक शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। मंत्री श्री काश्यप वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिलों में एलपीजी गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा गैस कंपनियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जाए। बैठक में गैस एजेंसियों के संचालन, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कहीं वितरण व्यवस्था में अनियमितता या विलंब की शिकायत मिलती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए। खाद्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता है और उनकी निरंतर आपूर्ति जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। मांग और आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए गैस एजेंसियों और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में सिलेंडर की कमी न हो। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रदेश में लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 115 स्थानों पर जांच की गई, जिसमें 350 गैस सिलेंडर जब्त किए गए तथा 2 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है। मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि सिलेंडर बुकिंग के लिए बनाए गए पोर्टल में तकनीकी समस्या आने के कारण कुछ उपभोक्ताओं को परेशानी हुई थी। इसे शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर एजेंसियों में ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और खाड़ी देशों से प्रदेश के प्रवासियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। ऑयल कंपनियों के स्टेट नोडल अधिकारी श्री अजय श्रीवास्तव ने बताया कि गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक बॉटलिंग प्लांट और वितरकों के गोदामों में उपलब्ध है। कुछ उपभोक्ताओं द्वारा आशंका के कारण अधिक बुकिंग किए जाने से सर्वर पर अतिरिक्त दबाव आया था, जिसे शीघ्र व्यवस्थित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशानुसार घरेलू उपभोक्ता अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद ही पुनः गैस सिलेंडर की बुकिंग करा सकेंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों से भ्रमित न हों, क्योंकि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह पर्याप्त है। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि देश की रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं और पश्चिम एशिया के अलावा अन्य स्रोतों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति भी बिना किसी कटौती के जारी है। राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। गैस आपूर्ति से संबंधित किसी भी शिकायत या सुझाव के लिए इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और भारत पेट्रोलियम के टोल-फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। बैठक में सचिव गृह श्रीमती कृष्णावेनी देसावातु, आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। |