अखाड़े के कलाकारों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब नगरवासियों ने जगह-जगह किया स्वल्पाहार का आयोजन
नाहरगढ़-(हिम्मत जैन)नाहरगढ़ नगर में विजयादशमी के दूसरे दिन ग्यारस पर वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत भव्य झांकियों का चल समारोह निकाला गया चल समारोह में दो डीजे गोधरा से आई ताशा पार्टी और 9 नयनाभिराम झांकियों ने नगरवासियों का मन मोह लिया अखाड़े के कलाकारों ने जगह-जगह हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित किया चल समारोह को देखने के लिए नगर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला पुरुष और बच्चे पहुंचे
युवा समाजसेवी ओम गिरी गोस्वामी ने परंपरा को रखा जीवंत
विजयादशमी के दूसरे दिन ग्यारस पर झांकियां निकालने की यह अनूठी परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है वर्ष 2011-12 के आसपास यह परंपरा धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई थी और लोगों का उत्साह भी कम होने लगा था ऐसे समय में नाहरगढ़ के युवा समाजसेवी ओम गिरी गोस्वामी एवं गोस्वामी परिवार ने इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने का बीड़ा उठाया स्वर्गीय बाबूलाल सुराणा की स्मृति में झांकियां तैयार करने वाली समितियों को प्रोत्साहन राशि देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया पिछले 15 वर्षों से लगातार किए जा रहे इस प्रयास से परंपरा को नई ऊर्जा मिली इस वर्ष भी ओम गिरी गोस्वामी ने प्रोत्साहन राशि देकर चल समारोह को भव्य बनाने में योगदान दिया
हनुमान मंदिर से शुरू हुआ चल समारोह
रात्रि 8 बजे नानकिया बाग हनुमान मंदिर से चल समारोह का शुभारंभ हुआ इसमें 9 नयनाभिराम झांकियां दो डीजे और गोधरा से आई ढोल-ताशा पार्टी आकर्षण का केंद्र रहे चल समारोह पुराना थाना हाटपुरा मोहल्ला सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा विभिन्न स्थानों पर अखाड़े के कलाकारों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया वहीं गोधरा की ढोल पार्टी की प्रस्तुतियों ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया
चल समारोह हनुमान चौक त्रिवेणी चौक नीम चौक और गणेश चौक सहित प्रमुख स्थानों से निकला। पाल्यामारू खजूरी झालारा, कचनारा बिल्लौद खानूखेड़ा आबाखेड़ी और पित्याखेड़ी सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग झांकियां देखने पहुंचे
झांकियों में नगर की समस्याओं को भी दर्शाया
चल समारोह में हिंदवी स्वराज मित्र मंडल की ओर से नगर के अधूरे विकास और प्रमुख सुविधाओं की कमी को दर्शाती झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही झांकी के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की सुविधा नहीं मिलने से होने वाली परेशानी सांदीपनि विद्यालय सीएम राइज स्कूल की सुविधा नहीं मिलने तथा खेल मैदान के अभाव जैसी समस्याओं को प्रस्तुत किया गया इस झांकी की लोगों ने सराहना की
चल समारोह के दौरान त्रिवेणी चौक पर सुराणा परिवार की ओर से डॉ. मुकेश गिरी गोस्वामी ओम गिरी गोस्वामी प्रियंका गिरी गोस्वामी एवं सरस्वती गिरी गोस्वामी का अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया गया
इसके पश्चात रात्रि 12:30 बजे हनुमान समिति की ओर से स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया इसमें युवा समाजसेवी मुकेश गिरी गोस्वामी एवं ओम गिरी गोस्वामी प्रियंका गिरी गोस्वामी सरस्वती गिरी गोस्वामी पदम सिंह चौहान तथा अखाड़े के उस्तादों का साफा बांधकर और माला-दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया साथ ही वरिष्ठ नागरिकों झांकी समितियों गरबा समितियों गणेश उत्सव समिति रावण दहन समिति स्वल्पाहार समितियों और बिजली विभाग के कर्मचारियों का भी स्वागत-सम्मान किया गया
इस अवसर पर प्रियंका गिरी गोस्वामी डॉ. मुकेश गिरी गोस्वामी एवं ओम गिरी गोस्वामी ने कहा कि इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने का श्रेय पूरे नगरवासियों को जाता है किसी भी आयोजन को सफल बनाना जनसहयोग के बिना संभव नहीं है उन्होंने कहा कि वे केवल सेवा करने का माध्यम हैं और नगरवासियों के सहयोग से ही वर्षों पुरानी परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है उन्होंने सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम का संचालन अरुण भटनागर ने किया
सात स्थानों पर हुआ स्वल्पाहार का आयोजन
चल समारोह के दौरान नगरवासियों एवं विभिन्न संगठनों की ओर से लगभग सात स्थानों पर पोहा चाय खिचड़ी और खीर सहित स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई हाटपुरा मोहल्ला हनुमान चौक करणसिंह जी की चक्की के यहां बालाजी ग्रुप द्वारा त्रिवेणी चौक में रवर्गीय बाबूलाल सुराणा व स्वर्गीय दीपक तारे की स्मृति में गणेश चौक में रुद्राक्ष ग्रुप द्वारा अन्नपूर्णा चौक में अन्नपूर्णा ग्रुप द्वारा और रावला मोहल्ला में श्रद्धालुओं के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था रही
प्रशासन रहा मुस्तैद, सुबह 5 बजे हुआ समापन
भव्य चल समारोह के दौरान प्रशासन मुस्तैद रहा और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया झांकियों का कारवां देर रात तक नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरता रहा अंततः सुबह करीब 5 बजे सभी झांकियां वापस हनुमान मंदिर पहुंचीं जहां चल समारोह का समापन हुआ नगरवासियों के उत्साह जनसहयोग और धार्मिक आस्था ने एक बार फिर वर्षों पुरानी इस परंपरा को यादगार बना दिया