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चीताखेडा । ऊंचे पहाड़ों से नीचे उतर आओ मां......,अब मेरी भी सुनो है मात भवानी......, मैं तेरा ही बालक हूं जगत महारानी......आदि भजनों से अंचल गुंजायमान हो रहा है। चौक चौराहों और घर-घर में विराजित की गई है जगत जननी मां अम्बे रानी की पूजा अर्चना सुबह शाम की जा रही है। शारदीय नवरात्र के 9 दिवसीय आराधना आस्था और भक्ति के साथ ही साधना के दिन हैं। मां के भक्त इन दिनों ग्रामीण अंचलों में भी मां की भक्ति में लीन हैं, और इसी के साथ कोई निराहार तो कोई वास - उपवास तो कोई नंगे पैरों रहकर तो कोई गरबा नृत्य कर मां को रिझाने के प्रयास में लगे हुए हैं। यूं तो क्षेत्र में आस्था के केंद्र अनेक हैं लेकिन चीताखेड़ा समीप माता का खेड़ा की पावन धरा पर स्थित आवरी माता का मंदिर इनमें से अनूठा है। भक्ति सच्ची श्रद्धा से मां आवरी के दरबार में विराजमान प्रतिमा के दिव्य दर्शन करने मात्र से मनोवांछित मुरादे तत्क्षण पूरी हो जाती है। यहां मां श्रद्धालुओं के मन की उद्धिग्नता शांत करती हैं और शीतलता का आवास करती है। आरोग्य देवी महामाया आवरी माता जी का मंदिर नवरात्र में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है। शारदेय नवरात्र का धार्मिक,आध्यात्मिक,लौकिक और शारिरिक दृष्टि से बडा महत्व हैं। चीताखेड़ा के कारा बावजी चौक, बजरंग मंदिर भटवाड़ा,राजीव कालोनी परिसर में शारदीय नवरात्र पर्व के अवसर पर आराधिकाएं सज-धजकर विद्युत रोशनी में नहाया हुआ रंग-बिरंगे फूलों से सजा गरबा पंडाल में गरबा नृत्य कर मां शारदे को प्रसन्न करने में मशगूल हैं वहीं 9 दिवसीय शारदीय नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को आराधकों एवं आराधिकाओं ने एक से बढ़कर एक मां जगदम्बा के गीतों पर जमकर हेरत अंगेज गरबा नृत्य की प्रस्तुति दी। गरबा महोत्सव में श्रद्धालुओं की भीड़ गरबा पंडाल में देखने के लिए उमड़ रही है। *नवमी सोमवार को आवरी माताजी मंदिर पर होगा हवन पूजन*- शारदीय नवरात्र पर्व के अवसर पर जगत जननी आवरी माताजी मंदिर पर सोमवार नवमी को प्रातः 9 बजे से होगा हवन पूजन। हवन पूजन के पश्चात् महाप्रसाद वितरण होगा। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |