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राजस्व महकमे और नगर परिषद की साठगांठ के आरोप, पूर्व में जेल जा चुके हैं पटवारी और कॉलोनाइजर प्रशासन का दोटूक जवाब- निजी भूमि पर हो रहा निर्माण, सरकारी जमीन पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता सिंगोली। कस्बे में आसमान छूती जमीनों की कीमतों के बीच राजस्व विभाग की बहुमूल्य शासकीय भूमि पर भू-माफियाओं के कब्जे और अवैध कॉलोनाइजेशन का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। सिंगोली के बहुचर्चित भू-सर्वे नंबर 70 की सरकारी जमीन पर चल रहे अवैध निर्माण और कथित प्रशासनिक साठगांठ को लेकर क्षेत्र के जागरूक नागरिक राधेश्याम तिवारी ने सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) का दरवाजा खटखटाया है। शिकायतकर्ता ने नगर परिषद सिंगोली और विद्युत वितरण कंपनी को कटघरे में खड़ा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। बिना लाइसेंस बिछाया सड़कों का जाल तहसीलदार पर भी उठे सवाल शिकायतकर्ता राधेश्याम तिवारी का आरोप है कि भू-माफियाओं ने स्थानीय राजस्व अमले के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ कर शासकीय रकबे की इस कीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाया और रसूखदारों को लाखों रुपये में भूखंड काटकर बेच दिए। बिना किसी वैध कॉलोनाइजर लाइसेंस और टीएंडसीपी (T&CP) की अनुमति के यहाँ रातों-रात पक्की सड़कों का निर्माण भी करा दिया गया, जिससे आस-पास के किसानों की कृषि भूमि का हित प्रभावित हो रहा है। पीड़ित ने 30 सितंबर और 2 अक्टूबर को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज दो अलग-अलग शिकायतों में विद्युत अधिनियम की धारा 126 के उल्लंघन का हवाला देते हुए बिजली कनेक्शन काटने और नगर परिषद से अवैध निर्माण तुरंत रुकवाने की मांग की है। शिकायत में सबसे संवेदनशील आरोप स्थानीय तहसीलदार की भूमिका को लेकर लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसी विवादित क्षेत्र में सिंगोली के तहसीलदार स्वयं निवास कर रहे हैं, जिससे जनता के बीच यह चर्चा आम है कि प्रशासनिक तंत्र के मुखिया की नाक के नीचे हो रहा यह अवैध कार्य उन्हें क्यों दिखाई नहीं दे रहा? क्या प्रशासन मूक दर्शक बनकर इन अवैध निर्माणों को संरक्षण दे रहा है? कलेक्टर के निर्देश पर हो चुकी है जेल, आरोपी वर्तमान में हैं जमानत पर यह पूरा मामला इसलिए भी पेचीदा है क्योंकि पूर्व में जिला कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा के निर्देश पर इस जमीन की उच्च स्तरीय जांच कराई गई थी। जांच में गड़बड़ी सही पाए जाने पर तत्कालीन कस्बा पटवारी और कालोनाइजर बनकर प्लॉट बेचने वाले मुख्य आरोपी के खिलाफ सिंगोली थाने में आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज किया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो वर्तमान में न्यायालय से जमानत पर बाहर हैं। इसके बावजूद वहां दोबारा निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र में तनाव और संदेह का माहौल है। निजी भूमि पर चल रहा है निर्माण, सरकारी जमीन पूरी तरह सुरक्षित तहसीलदार इस पूरे विवाद और सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज गंभीर आरोपों को लेकर जब सिंगोली तहसीलदार ऋषभ ठाकुर से सीधा तीखा सवाल किया गया, तो उन्होंने पूरे मामले को सिरे से खारिज करते हुए वास्तविक स्थिति स्पष्ट की। तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने बताया कि कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा के सख्त निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने पूर्व में ही भूमि सर्वे नंबर 70 का पूरी पारदर्शिता के साथ विस्तृत सीमांकन और पैमाइश की थी। इस जांच के दौरान विवादित भूमि को दो स्पष्ट भागों में चिन्हित कर दिया गया था, जिसमें एक हिस्सा निजी स्वामित्व की भूमि का है और दूसरा हिस्सा सरकारी शासकीय रकबे का है। तहसीलदार ठाकुर ने शिकायतकर्ता के आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए दृढ़ता से कहा कि वर्तमान में जो भी निर्माण कार्य या गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वे सर्वे नंबर 70 के अंतर्गत आने वाली निजी भूमि पर चल रही हैं। निजी भूमि के स्वामी नियमों के अधीन अपनी जमीन पर विकास कार्य करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। जहां तक शासकीय भूमि का सवाल है, प्रशासन अतिक्रमण को लेकर पूरी तरह मुस्तैद और गंभीर है। चिन्हित की गई सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का कोई अतिक्रमण या निर्माण नहीं चल रहा है, वहां तो वर्तमान में कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता। यदि कोई भी शासकीय भूमि पर अवैध गतिविधि की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अब वरिष्ठ अधिकारियों की जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें तहसीलदार के इस कड़े बयान ने भले ही सरकारी जमीन को सुरक्षित बताया हो, लेकिन चूंकि मामला अब सीधे सूबे के मुख्यमंत्री की हेल्पलाइन पर दर्ज है, इसलिए नगर परिषद और विद्युत कंपनी को कागजी तौर पर अपनी क्लोजर रिपोर्ट और मौका पंचनामा वरिष्ठ अधिकारियों को भेजना होगा। अब देखना यह है कि रसूखदारों के इस रसूख के आगे प्रशासन की यह "मुस्तैदी" कागजों पर कितनी खरी उतरती है और आने वाले दिनों में जिला प्रशासन इस पर क्या कड़ा रुख अपनाता है। रिपोर्ट : दिनेश जी जोशी |