रतलाम / सैलाना। प्राथमिक शिक्षा की बुनियाद को मजबूत करने के उद्देश्य से सैलाना में कक्षा 1 एवं 2 में अध्यापन कराने वाले शिक्षकों का बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) प्रशिक्षण शुरू हो गया है। राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सैलाना स्थित कन्या शिक्षा परिसर में आयोजित किया जा रहा है। तीन चरणों में चलने वाला यह प्रशिक्षण 15 सितंबर से प्रारंभ होकर 1 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम बीआरसी नरेंद्र पासी के मार्गदर्शन में सफल संचालन के लिए अतुल विलियम को प्रशिक्षण प्रभारी तथा मुस्तकीम सिद्दीकी को सहायक प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देने के बजाय कक्षा-कक्ष में उसे प्रभावी ढंग से लागू करने का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है। इसमें बच्चों में बुनियादी साक्षरता, भाषा विकास, पठन-पाठन, लेखन तथा संख्या ज्ञान एवं गणितीय समझ विकसित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
शिक्षकों को बताया जा रहा है कि प्राथमिक कक्षाओं के छोटे बच्चों के लिए पढ़ाई को बोझिल बनाने के बजाय खेल-खेल में सीखने, गतिविधियों के माध्यम से समझ विकसित करने और बच्चों की रुचि के अनुरूप शिक्षण को बढ़ावा दिया जाए। इसके साथ ही आधुनिक शिक्षण तकनीकों का उपयोग करते हुए बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के तरीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान टीएलएम (शिक्षण अधिगम सामग्री) निर्माण और उसके कक्षा-कक्ष में प्रभावी उपयोग पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। शिक्षकों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से उपयोगी शिक्षण सामग्री तैयार करने तथा उसके माध्यम से कठिन विषयों को बच्चों के लिए सरल एवं रोचक बनाने के तरीके बताए जा रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, चरणबद्ध रूप से संचालित इस प्रशिक्षण में ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक शिक्षक शामिल हो रहे हैं। प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय कौशल की मजबूत नींव तैयार करना है, ताकि आगे की कक्षाओं में बच्चों को सीखने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
शिक्षा के प्रारंभिक स्तर पर शिक्षकों को आधुनिक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण तकनीकों से दक्ष बनाने की यह पहल बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत