रतलाम /सैलाना/सरवन। रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र की चार आदिवासी युवतियों ने इंदौर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, मानसिक प्रताड़ना और बंधक जैसी परिस्थितियों में रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवतियों का कहना है कि उन्हें बड़े-बड़े सपने दिखाकर इंदौर बुलाया गया, जहां पहले इंटरव्यू के नाम पर ₹7 हजार और बाद में आईडी बनाने के नाम पर ₹16 हजार सहित अलग-अलग राशि जमा करवाई गई। पीड़िताओं के अनुसार उनसे प्रति युवती करीब ₹23 से ₹25 हजार तक लिए गए और कई परिवारों ने यह राशि ब्याज पर उधार लेकर या सामान गिरवी रखकर जुटाई।
पीड़ित युवतियों रानू मईड़ा, रीना पारगी, संगीता निनामा और पायल मईड़ा ने आरोप लगाया कि उन्हें अल्काखेड़ा निवासी सोना निनामा ने फोन कर नौकरी का लालच दिया। युवतियों के अनुसार उन्हें कहा गया कि उनकी जिंदगी बदल जाएगी, हवाई जहाज में यात्रा कराई जाएगी, गोवा और मनाली घुमाया जाएगा तथा वे अपने माता-पिता के लिए घर तक बनवा सकेंगी। इसी भरोसे में वे इंदौर पहुंचीं।
युवतियों का आरोप है कि इंदौर पहुंचने के बाद उनसे लगातार पैसों की मांग की गई। पहले इंटरव्यू शुल्क और फिर आईडी बनाने के नाम पर राशि जमा करवाई गई। जब उन्होंने पैसे नहीं होने की बात कही तो परिवार वालों से भी पैसे मंगवाए गए। कई परिवारों ने 15 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज लेकर बेटियों के खाते में रकम भेजी।
पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अलग-अलग कमरों में रखा जाता था। घरवालों से खुलकर बात नहीं करने दी जाती थी। किसी का फोन आने पर मोबाइल बंद रखने के लिए कहा जाता था। उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी और दिनभर कमरे में ही रखा जाता था। खाने-पीने की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। युवतियों का कहना है कि वे बिना किसी को बताए वहां से निकलकर वापस अपने घर पहुंचीं।
युवतियों ने आरोप लगाया कि उनसे कहा गया कि यदि वे तीन-तीन नई लड़कियां लेकर आएंगी तो उन्हें हवाई जहाज में घुमाया जाएगा, मोबाइल और टैबलेट दिए जाएंगे तथा अच्छी कमाई होगी। लेकिन जब उन्हें पूरे मामले पर संदेह हुआ तो उन्होंने अन्य लड़कियों को फंसाने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे खुद ठगी का शिकार हुई हैं, इसलिए किसी और को इस जाल में नहीं फंसाना चाहती थीं।
पीड़िताओं का दावा है कि वहां करीब 20 से 25 अन्य लड़कियां भी मौजूद थीं, जिनमें बड़ी संख्या आदिवासी समाज की थी। उन्होंने बताया कि ये लड़कियां रतलाम, धार, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा सहित विभिन्न जिलों से आई थीं। हालांकि वे सभी का पूरा परिचय नहीं जान सकीं क्योंकि आपस में बातचीत करने तक की अनुमति नहीं दी जाती थी।
चारों युवतियों ने विधायक कमलेश्वर डोडियार को लिखित शिकायत देकर बताया कि इंदौर से लौटने के बाद उन्होंने थाना औद्योगिक क्षेत्र (अलकापुरी) में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने सरवन थाने में भी शिकायत दी, जहां भी तत्काल कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई। उन्होंने विधायक से न्याय दिलाने की मांग की।
मामले को गंभीर मानते हुए सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने पुलिस अधीक्षक रतलाम को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराने, नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रूप से राशि लेने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने तथा यदि संबंधित थानों द्वारा शिकायत पर लापरवाही बरती गई हो तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। विधायक ने पीड़ित युवतियों की राशि वापस दिलाने और उन्हें शीघ्र न्याय दिलाने का भी आग्रह किया है।
वहीं सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने बताया कि चारों युवतियां 15 जुलाई 2026 को थाने पहुंची थीं। उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर जीतेन्द्र कुमावत