रतलाम/सैलाना। सैलाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने आदिवासी समाज और भील बहुल क्षेत्रों के विकास को लेकर एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विस्तृत ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन में उन्होंने मध्यप्रदेश राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील बहुल क्षेत्रों के समग्र विकास के साथ-साथ पृथक भील प्रदेश के गठन के मुद्दे पर आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। विधायक डोडियार का कहना है कि भील समाज वर्षों से अपने अधिकारों, सम्मान और समान विकास की मांग करता आ रहा है, लेकिन आज भी आदिवासी अंचल मूलभूत सुविधाओं के मामले में काफी पीछे हैं।
ज्ञापन में विधायक डोडियार ने कहा कि भील बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई, पेयजल, सड़क, पोषण और उच्च शिक्षा जैसी सुविधाओं का अपेक्षित विस्तार नहीं हो पाया है। बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है, जबकि कुपोषण और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का अभाव आज भी गंभीर चुनौती बना हुआ है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि आदिवासी अंचलों में एम्स (AIIMS), आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों की स्थापना की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। साथ ही इन क्षेत्रों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज और दीर्घकालीन विकास योजना तैयार की जाए।
विधायक डोडियार ने सुझाव दिया कि मध्यप्रदेश सहित संबंधित राज्यों के भील बहुल क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक परिस्थितियों का अध्ययन करने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति या विशेषज्ञ समिति गठित करने का भी आग्रह किया, जो विषय का विस्तृत परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करे। इसके बाद यदि आवश्यक और उपयुक्त हो तो संविधान के अनुच्छेद-3 के तहत पृथक भील प्रदेश के गठन की प्रक्रिया पर विचार करते हुए प्रस्ताव भारत सरकार के गृह मंत्रालय को भेजा जाए।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि यह मांग किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान तथा क्षेत्रीय असमानता को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाई गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार आदिवासी समाज की भावनाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरता से विचार करेगी। यह ज्ञापन आदिवासी अंचलों के विकास और भील समाज के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत