रतलाम। पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर रतलाम जिला प्रशासन की तर्ज पर पूरे प्रदेश में राजस्व संबंधी मामलों, भूमि विवादों और अवैध कब्जों के निराकरण के लिए विशेष जनसुनवाई अभियान आयोजित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रतलाम में जिला प्रशासन द्वारा चलाया गया विशेष अभियान आम नागरिकों और वास्तविक भू-स्वामियों के लिए बेहद प्रभावी साबित हुआ है तथा इसी मॉडल को प्रदेशभर में लागू किया जाना चाहिए।
कोठारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि मीसाबंदी बसंत पुरोहित के प्लॉट पर हुए अवैध कब्जे का मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद रतलाम जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसका संतोषजनक समाधान किया। इसके बाद कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सात दिवसीय विशेष जनसुनवाई अभियान चलाया गया जिसमें राजस्व विभाग से जुड़े भूमि विवाद, सीमांकन, नामांतरण तथा अवैध कब्जों से संबंधित मामलों की सुनवाई कर बड़ी संख्या में शिकायतों का निराकरण किया गया।
उन्होंने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार इस विशेष अभियान के दौरान लगभग 450 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण हुआ जिससे वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे अनेक भू-स्वामियों को राहत मिली। कोठारी ने कहा कि यह पहल प्रशासनिक संवेदनशीलता और प्रभावी कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा इससे जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत हुआ है।
पूर्व गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर रतलाम की तर्ज पर विशेष जनसुनवाई अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए जाएं। उनका कहना है कि वर्तमान में राजस्व विभाग में बड़ी संख्या में भूमि विवाद और अवैध कब्जों से जुड़े प्रकरण वर्षों से लंबित हैं जिससे आम नागरिकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि पूरे मध्यप्रदेश में इस प्रकार का विशेष अभियान चलाया जाता है तो हजारों लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण संभव होगा और अवैध कब्जों से पीड़ित लोगों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा। कोठारी ने मुख्यमंत्री से जनहित के इस संवेदनशील विषय पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए प्रदेशव्यापी विशेष जनसुनवाई अभियान शुरू करने की मांग की है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत