बांसवाड़ा/सैलाना। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत नवाखेड़ा के ग्राम रनीवनी स्थित बारूद (विस्फोटक) गोदाम को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बांसवाड़ा कलेक्टर को पत्र लिखकर गोदाम की वैधानिकता, सुरक्षा मानकों, एनओसी, पर्यावरणीय स्वीकृतियों तथा राजस्व अभिलेखों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
विधायक ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर हजारों ग्रामीणों की सुरक्षा और जनहित से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
विधायक डोडियार ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि ग्रामीणों द्वारा गोदाम के निर्माण और संचालन को लेकर लगातार आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2016-17 में गोदाम का निर्माण आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन किए बिना किया गया तथा संबंधित विभागों की पर्याप्त जांच के अभाव में अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) और अन्य अनुमतियां जारी कर दी गईं। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह Explosives Act 1884 एवं Explosives Rules 2008 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
पत्र में विधायक ने यह भी कहा कि बारूद गोदाम के आसपास कृषि भूमि, आवासीय क्षेत्र और ग्रामीण आबादी स्थित है। ऐसे में किसी भी संभावित दुर्घटना या विस्फोट की स्थिति में बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि हो सकती है। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में बारूद गोदामों में हुई दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन को इस मामले को अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेना चाहिए।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कलेक्टर से मांग की है कि जिला स्तरीय अथवा उच्चस्तरीय तकनीकी समिति गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही गोदाम से संबंधित सभी लाइसेंस, एनओसी, पर्यावरणीय स्वीकृतियां, अग्निशमन विभाग की अनुमति, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि यह जांच की जाए कि गोदाम निर्धारित सुरक्षा दूरी और भारत सरकार द्वारा तय सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर रहा है या नहीं।
डोडियार ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, नियमों का उल्लंघन या दस्तावेजों में त्रुटि सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक यदि जनसुरक्षा की दृष्टि से आवश्यकता हो तो गोदाम के संचालन पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने जांच प्रतिवेदन की प्रति जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
विधायक ने अपने पत्र के अंत में कहा कि यह मामला आम नागरिकों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन को व्यक्तिगत रुचि लेते हुए शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई कर जनहित की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। अब इस पत्र के बाद बांसवाड़ा प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत