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चीताखेड़ा । चीताखेड़ा से मात्र 6 किलोमीटर दूर स्थित वन क्षेत्र से लगा चैनपुरा में मंगलवार देर रात तेंदुआ गांव में घुस आने से हड़कंप मच गया। तेंदुए ने सबसे पहले एक घर के बाड़े में बंधी बकरियों पर हमला कर दिया। बकरियों की चीख-पुकार सुनकर बकरी मालिक पप्पू(देवनारायण)पिता स्वर्गीय बगदीराम रावत 40 वर्ष के बाड़े में पहुंचे तो उन्हें देख तेंदुआ भाग निकला। एक घंटे बाद वापस तेंदुआ बकरियों के शिकार हेतु आया उसी दौरान पप्पू (देवनारायण) पर झपट्टा मारकर घायल कर दिया। हमले में पप्पू रावत गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को तत्काल नीमच जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार के बाद बुधवार को छूट्टी दे दी गई। बताया गया कि मंगलवार को ही शाम 4 बजे के दरमियान इसी तेंदुए ने इन्हीं बकरियों के झुंड पर अटेक किया था। फिर रात होते ही 9 बजे के दरमियान गांव में बने बाड़े में इन्हीं में से दो बकरियों को अपना शिकार बनाकर घायल कर दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आए दिन यह तेंदुआ कभी गाय को तो कभी बकरियों को अपना निशाना बना रहा है। गांव में दहशत का माहौल घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने रातभर जागकर पहरा दिया। वन विभाग मौके पर, गश्त की मांग सूचना मिलने पर 2 घंटे बाद वन विभाग के अधिकारी और बीट प्रभारी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि यह बीट वन रक्षक अर्पित शर्माके अंतर्गत आता है। वन विभाग की टीम तेंदुए की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों ने वन विभाग को लिखित में तेंदुए को पिंजरा लगाकर पकड़ने की मांग की है । कहा कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़कर रिहायशी इलाके से दूर किया जाए। साथ ही चैनपुरा वन क्षेत्र में कामाख्या देवी रोड से लगे जंगल क्षेत्र में हाल ही में एक एकड़ के करीब काटे गए पेड़ पौधे को काटने वाले अपराधी को जल्द पकड़ कर वैधानिक कार्य वाही की मांग की गई । रिपोर्ट : दशरथ जी माली |