रतलाम / सैलाना। लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल के कठिन दौर में संघर्ष करने वाले सैलाना के वरिष्ठ मीसा बंदी 94 वर्षीय शांतिलाल संघवी को राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मानित किया। मूल रूप से सैलाना निवासी संघवी वर्तमान में इंदौर में निवासरत हैं। आपातकाल के दौरान उन्होंने पूरे 19 माह जेल में रहकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।
26 जून को आयोजित इस गरिमामय समारोह में प्रदेशभर से पहुंचे लोकतंत्र सेनानियों का शाल श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में लोकतंत्र सेनानियों के त्याग संघर्ष और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम में शांतिलाल संघवी अपने दोनों पुत्र प्रवीण संघवी प्रदीप संघवी तथा पौत्र सिद्धार्थ के साथ भोपाल पहुंचे। समारोह में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सोनी पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी तपन भौमिक डॉ. महेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
विशेष बात यह रही कि अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में संघवी के साथ आपातकाल के दौरान जेल में रहे उनके पुराने साथी तपन भौमिक स्वयं इंदौर स्थित उनके निवास पर पहुंचकर उन्हें समारोह का निमंत्रण देने आए थे। उस आत्मीय मुलाकात में दोनों ने जेल के दिनों की यादें साझा करते हुए संघर्ष के उन कठिन पलों को फिर से याद किया था।
हालांकि बढ़ती उम्र के कारण शांतिलाल संघवी की स्मरण शक्ति पहले जैसी नहीं रही लेकिन समारोह में उन्होंने मुख्यमंत्री उप मुख्यमंत्री और अपने कई पुराने साथियों को पहचान लिया। उनसे आत्मीय मुलाकात कर उन्होंने आपातकाल के संघर्षपूर्ण दिनों की यादें साझा कीं। यह दृश्य समारोह में उपस्थित लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायी रहा।
भोपाल में मिला यह सम्मान केवल शांतिलाल संघवी का नहीं बल्कि उन सभी लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष का सम्मान माना जा रहा है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने अधिकारों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। सैलाना क्षेत्र के लिए भी यह गर्व का क्षण रहा कि उसके एक वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत