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प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत देशभर में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और रेलवे नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे में नीमच–रामगंजमंडी नई रेल लाइन को भी इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल किए जाने की संभावनाएं बन सकती हैं, यदि इस दिशा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा समन्वित, ठोस और निरंतर प्रयास किए जाएं। यह प्रस्तावित रेल लाइन न केवल नीमच जिले, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी विकास का एक नया द्वार खोल सकती है। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच रेल संपर्क को एक नया आयाम मिल सकता है। विगत दिनों इंदौर से मुंबई बड़वानी होते हुए एक नई रेल लाइन इसी पीएम गति शक्तिमान योजना के तहत स्वीकृत की गई है ! नीमच से रामगंज रेल लाइन से नीमच सीधा मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़ जायेगा इस रेल लाइन के बनने से दक्षिण भारत का राजस्थान के जोधपुर अजमेर उदयपुरसे सीधा और सशक्त जुड़ाव स्थापित होने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ माल परिवहन की लागत और समय में भी कमी आ सकती है। यात्री सुविधाओं के दृष्टिकोण से भी यह रेल लाइन अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है। वर्तमान में क्षेत्र के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए सीमित विकल्पों का सामना करना पड़ता है, विशेषकर कोरोना काल के बाद कई ट्रेनों के संचालन में कमी आने से यह समस्या और बढ़ी है। यदि यह नई रेल लाइन विकसित होती है, तो यात्रियों को अधिक विकल्प और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी। नीमच का रेलवे विकास का इतिहास भी प्रेरणादायक रहा है। स्वर्गीय बालकवि बैरागी के प्रयासों से नीमच–चित्तौड़गढ़ ब्रॉडगेज रेल लाइन को स्वीकृति मिली थी, जिसने क्षेत्र के विकास को नई गति दी। इसके पश्चात नीमच से दिल्ली, मेरठ, हरिद्वार सहित कई प्रमुख शहरों के लिए रेल संपर्क स्थापित हुआ, जो समय के साथ विस्तारित भी हुआ। हालांकि, वर्तमान में कई सेवाओं के बंद या सीमित होने से सीधी कनेक्टिविटी का अभाव महसूस किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में नीमच–रामगंजमंडी रेल लाइन को गति शक्ति मास्टर प्लान में शामिल कराने की दिशा में यदि गंभीर और सकारात्मक पहल की जाती है, तो यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास को गति दे सकती है, बल्कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच आर्थिक एवं सामाजिक संबंधों को भी और मजबूत बना सकती है। मालवा क्षेत्र को मुंबई से जोड़ने के लिए जिस तरह से मुंबई –इंदौर रेल लाइन की स्वीकृति विगत दिनों प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान से मिली है उसी तरह नीमच रामगंज मंडी रेल लाइन को मिल सकती है ! पूर्व में गति शक्तिमान योजना के तहत जावद क्षेत्र के आम लोगो की पहल पर नीमच सिंगोली कोटा रेल लाइन की स्वीकृति कुछ वर्षों पूर्व मिली थी और वह प्रोजेक्ट फाइनल सर्वे में आ चुका है |