रतलाम। शहर में स्वच्छता अतिक्रमण और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर नगर निगम प्रशासन के दावों के बीच गांधी नगर तिराहा और इंदिरा नगर क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। कुछ समय पहले नगर निगम द्वारा क्षेत्र में सुंदर फुटपाथ और चौराहे का विकास किया गया था ताकि आम नागरिकों को बेहतर आवागमन और स्वच्छ वातावरण मिल सके लेकिन अब यही फुटपाथ कथित रूप से अवैध दुकानों और अतिक्रमण की चपेट में दिखाई दे रहा है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार फुटपाथ पर कई अस्थाई और स्थाई दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों के कारण पैदल चलने वाले लोगों के लिए बनाई गई जगह लगातार प्रभावित हो रही है। सवाल यह भी है कि इन दुकानों में किस प्रकार की सामग्री रखी जाती है और इनके संचालन की अनुमति किस स्तर से मिली है। यदि अनुमति नहीं है तो नगर निगम द्वारा अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
फुटपाथ के पीछे बने वॉशरूम ने बढ़ाई चिंता
मामला केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं है। कुछ दुकानों के पीछे लोगों द्वारा वॉशरूम तक बनाए जाने की बात सामने आ रही है। जिस स्थान को शहर की सुंदरता और नागरिक सुविधा के लिए विकसित किया गया था उसी स्थान का इस प्रकार उपयोग होना नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
गांधी नगर के मुख्य चौराहे की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। पूर्व में यहां नगर निगम की शौचालय व्यवस्था अथवा संरचना मौजूद थी लेकिन सड़क निर्माण के दौरान उसे हटाए जाने के बाद अब तक उचित सार्वजनिक शौचालय या मूत्रालय की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत सामने आ रही है।
शौचालय नहीं तो सड़क किनारे मजबूरी में गंदगी!
सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ लोग वाहनों और स्कूटी की आड़ लेकर खुले में मूत्र विसर्जन करते दिखाई देते हैं। इससे क्षेत्र में गंदगी के साथ-साथ दुर्गंध और अस्वच्छ वातावरण की स्थिति बन रही है।
सबसे गंभीर बात यह है कि गांधी नगर मुख्य मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं स्कूली बच्चे बुजुर्ग और आम नागरिक गुजरते हैं। ऐसे में खुले में मूत्र विसर्जन और अतिक्रमण की स्थिति महिलाओं और बच्चों के लिए भी असहज परिस्थिति पैदा कर रही है।
सवाल सिर्फ गांधी नगर का नहीं पूरे रतलाम का है
यह समस्या केवल गांधी नगर तिराहे तक सीमित नहीं मानी जा सकती। यदि शहर के एक प्रमुख चौराहे पर सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव है और फुटपाथ पर अतिक्रमण हो चुका है तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि रतलाम शहर के अन्य वार्डों और प्रमुख चौराहों की स्थिति क्या है?
क्या नगर निगम प्रशासन द्वारा पूरे शहर में यह सर्वे कराया गया है कि कहां सार्वजनिक शौचालय और महिला-पुरुष मूत्रालय की आवश्यकता है? क्या शहर के सभी प्रमुख चौराहों बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त शौचालय सुविधा उपलब्ध है? और क्या नगर निगम द्वारा फुटपाथों पर किए गए स्थाई तथा अस्थाई अतिक्रमण को चिन्हित किया गया है?
स्थानीय पार्षद और नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदारी
गांधी नगर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पार्षद द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि क्या उनके द्वारा इस समस्या को नगर निगम प्रशासन के संज्ञान में लाया गया है? यदि समस्या सामने है तो उसका स्थाई समाधान कब होगा?
वहीं नगर निगम प्रशासन को भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए केवल गांधी नगर ही नहीं बल्कि पूरे रतलाम शहर का निरीक्षण करना चाहिए। प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए।
साथ ही नगर निगम द्वारा बनाए गए फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ताकि जिस उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च कर शहर को व्यवस्थित और सुंदर बनाने का प्रयास किया जा रहा है उसका लाभ आम नागरिकों को मिल सके।
अब कार्रवाई का इंतजार
गांधी नगर तिराहा और इंदिरा नगर क्षेत्र की यह स्थिति नगर निगम प्रशासन के लिए एक चेतावनी की तरह है। विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होने चाहिए बल्कि उनकी नियमित निगरानी और रखरखाव भी उतना ही जरूरी है।
अब देखना होगा कि इस गंभीर जनसमस्या पर नगर निगम प्रशासन कितनी जल्दी संज्ञान लेता है। क्या फुटपाथ से अतिक्रमण हटेगा? क्या सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय की व्यवस्था होगी? और क्या शहर के अन्य चौराहों की भी इसी तरह जांच कर व्यवस्था सुधारी जाएगी?
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत