रतलाम
रतलाम महू रोड स्थित कृषि उपज मंडी के समीप संचालित आकृति इंटरप्राइजेस के सामने किए गए निर्माण कार्य ने पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जागरूक नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो और फोटो में सामने आया है कि शिवपुर निवासी वल्लभ पाटीदार द्वारा दुकान के बाहर बनाए गए शेड के लिए एक पुराने नीम के पेड़ को न केवल काटा गया, बल्कि उसे जड़ सहित उखाड़कर उसकी जगह लोहे का शेड खड़ा कर दिया गया। इतना ही नहीं, निर्माण के दौरान बिजली विभाग के पोल को भी दुकान की छत के अंदर ले लिया गया, जिससे भविष्य में करंट लीकेज या किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सजग पत्रकारिता के तहत संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति वल्लभ पाटीदार से फोन पर संपर्क कर पेड़ काटने और निर्माण कार्य के लिए ली गई अनुमति (परमिशन) के संबंध में जानकारी चाही गई। लेकिन अनुमति के दस्तावेजों के बारे में पूछे जाने पर उनका जवाब था – "तो आपको क्यों दूंगा मैं?"।
जिम्मेदार व्यक्ति का यह रवैया कई सवाल खड़े करता है। यदि सभी कार्य नियमानुसार और वैधानिक अनुमति के साथ किए गए हैं, तो फिर दस्तावेजों की जानकारी देने में आपत्ति क्यों?
जानकारों के अनुसार, सार्वजनिक अथवा व्यावसायिक उपयोग के लिए किसी पेड़ को काटने, बिजली पोल के आसपास निर्माण करने अथवा इस प्रकार के ढांचे खड़े करने के लिए संबंधित विभागों, वन विभाग, बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य होता है। ऐसे में पत्रकार द्वारा पूछे गए सामान्य प्रश्न पर जवाब देने से बचना और जानकारी साझा करने से इनकार करना नियमों की अनदेखी की आशंकाओं को और मजबूत कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि बारिश के मौसम में शेड के भीतर मौजूद बिजली के पोल से कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या नगर निगम, बिजली विभाग और संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति तब भी जवाबदेही से बच पाएंगे?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर में एक ओर लाखों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यदि वर्षों पुराने पेड़ों को बिना किसी भय के काटकर उनकी जगह लोहे के शेड खड़े किए जा रहे हैं, तो पर्यावरण संरक्षण के दावे आखिर कितने खोखले हैं?
अब निगाहें नगर निगम, वन विभाग और बिजली विभाग पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि वीडियो और फोटो में सामने आए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
(यह समाचार जागरूक नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो एवं फोटो तथा संबंधित पक्ष से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर तैयार किया गया है। मामले के तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।)
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत