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कलेक्टर ने ए.पी.सी.समूह की बैठक में की विभागीय समीक्षा नीमच : जिले में गठित कृषक उत्पादक संगठनों (एफ.पी.ओं) को प्रेरित कर उन्हे कस्टम हाईरिंग सेंटर के रूप मे विकसित करने के लिए शासन की योजना का लाभ दिलाए। साथ ही एफ.पी.ओं को सीधे उर्वरक उत्पादक कम्पनी से अनुबंध करवाकर उन्हे उर्वरक की डीलरशिप दिलवाए। जिससे कि वे किसानोंको उर्वरक उपलब्ध करवाने का कार्य कर सकें। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में ए.पी.सी. समूह से सम्बधित विभागों की विभागीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में जि.पं.सीईओं श्री अमन वैष्णव सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे । बैठक में कलेक्टर ने एफ०पी.ओं. की सहायता व मार्गदर्शन के लिए सहायक संचालक कृषि श्री रमेश चोहान के समन्वयक का दायित्व सौंपते हुए उन्हे सभी एफ.पी.ओ. की समस्याओं का समाधान करवाकर यथा सम्भव मदद करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर में जावद के एफ.पी.ओं. को इसी वित्तिय वर्ष में पी.एम.एफ.ई.योजना के तहत ऋण प्रकरण, स्वीकृत कर, वित्तिय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए है । किसानों को नरवाई प्रबंधन के लिए जागरूक करें बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कृषि विभाग का मैदानी अमला किसानों को नरवाई प्रबधन के लिए जागरूक करें। उन्होने कहा कि जिले में इस वर्ष नरवाई जलाने की एक भी घटना ना हो। कलेक्टर ने पिछलें वर्षो में नरवाई जलाने की घटना, जिन गांवों में हुई है, उन गांवों के किसानों को जागरूक कर नरवाई प्रबंधन के उपाय सुनिश्चित करवाने के लिए कृषक संगोष्ठिया आयोजित करने के निर्देश भी दिए है ।बैठक में दुग्ध उत्पादन की प्रगति की समीक्षा में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि, जिले में शेष रही पंचायतों में नई दुग्ध समतियां इस माह गठित करे। अक्रियाशील समितियों को भी क्रियाशील करवाए ।जिले में दुग्ध संकलन इस माह 17900 लीटर हो गया है। जिसे एक माह में बढाकर 18500 लीटर से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में उद्यानिकी ,पशुपालन ,कृषि, मत्स्य, सहकारिता, कृषि उपज मंडी की दुग्ध संघ की भी विस्तार से समीक्षा की गई । |